PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana 2026:- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana – PMDDKY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी कृषि योजना है, जिसका उद्देश्य देश के कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक, आधुनिक और टिकाऊ बनाना है। इस योजना को वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक लागू किया जा रहा है।
इसके अंतर्गत देश के 100 कृषि-पिछड़े जिलों को चिन्हित कर वहां कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, भंडारण क्षमता विकसित करने तथा किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। योजना का संचालन विभिन्न मंत्रालयों की मौजूदा योजनाओं के समन्वय (Convergence) के माध्यम से किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य
PM धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य कम कृषि उत्पादकता वाले जिलों का समग्र विकास करना है ताकि किसानों की आय बढ़े और कृषि अधिक लाभदायक बन सके।
योजना के प्रमुख उद्देश्य—
- कृषि उत्पादकता में वृद्धि।
- फसल विविधीकरण को बढ़ावा।
- टिकाऊ एवं जलवायु-अनुकूल खेती को प्रोत्साहन।
- सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।
- पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर भंडारण क्षमता बढ़ाना।
- किसानों को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कृषि ऋण तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना।
PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) |
| शुरू की गई | भारत सरकार |
| शुरुआत | 2025-26 |
| अवधि | 6 वर्ष (2025-26 से 2030-31) |
| लक्षित जिले | 100 कृषि-पिछड़े जिले |
| वार्षिक बजट | ₹24,000 करोड़ |
| लाभार्थी | लगभग 1.7 करोड़ किसान |
| संबंधित मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय |
योजना के प्रमुख लाभ
इस योजना के अंतर्गत किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई लाभ प्राप्त होंगे—
- कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग।
- सिंचाई परियोजनाओं का विकास।
- बेहतर बीज एवं उन्नत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा।
- पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर गोदाम और भंडारण सुविधाएं।
- किसान क्रेडिट और कृषि वित्त तक आसान पहुंच।
- जलवायु परिवर्तन के अनुरूप टिकाऊ खेती को प्रोत्साहन।
- छोटे एवं सीमांत किसानों को विशेष लाभ।
पात्रता
योजना का लाभ मुख्य रूप से चयनित 100 जिलों के किसानों को मिलेगा। सामान्य रूप से—
- आवेदक भारत का किसान होना चाहिए।
- चयनित जिले में कृषि गतिविधि से जुड़ा होना चाहिए।
- कृषि भूमि या वैध खेती संबंधी रिकॉर्ड होना चाहिए।
- संबंधित विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा।
आवश्यक दस्तावेज
योजना के अंतर्गत विभिन्न घटकों के अनुसार निम्न दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं—
- आधार कार्ड
- किसान पंजीकरण
- भूमि संबंधी दस्तावेज
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट आकार फोटो
- अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
आवेदन प्रक्रिया
PM धन-धान्य कृषि योजना मुख्य रूप से विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर आधारित है। इसलिए आवेदन की प्रक्रिया संबंधित योजना या राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
सामान्य प्रक्रिया—
- संबंधित कृषि विभाग या राज्य सरकार के पोर्टल पर जाएं।
- यदि आवश्यक हो तो किसान पंजीकरण करें।
- संबंधित योजना के लिए आवेदन भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें।
- विभाग द्वारा सत्यापन के बाद पात्र लाभ प्रदान किया जाएगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- 100 कृषि-पिछड़े जिलों पर विशेष फोकस।
- 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं का समन्वय।
- ₹24,000 करोड़ का वार्षिक बजट।
- लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ।
- कृषि उत्पादकता एवं आय में वृद्धि।
- आधुनिक, टिकाऊ एवं जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा।
- भंडारण, सिंचाई और कृषि ऋण पर विशेष ध्यान।
आवेदन करते समय ध्यान रखें
- अपने जिले के चयनित होने की जानकारी संबंधित कृषि विभाग से प्राप्त करें।
- सभी दस्तावेज अद्यतन रखें।
- केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर ही आवेदन करें।
- किसी भी फर्जी वेबसाइट या एजेंट से सावधान रहें।
- आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. PM धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
यह भारत सरकार की कृषि विकास योजना है, जिसके माध्यम से 100 कृषि-पिछड़े जिलों का समग्र विकास किया जाएगा।
2. इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
मुख्य रूप से चयनित 100 जिलों के किसानों को।
3. योजना का बजट कितना है?
इस योजना के लिए ₹24,000 करोड़ प्रति वर्ष का प्रावधान किया गया है।
4. योजना कितने वर्षों तक चलेगी?
यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक, कुल 6 वर्षों के लिए लागू की गई है।
5. क्या ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
योजना के विभिन्न घटकों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया संबंधित राज्य या विभाग द्वारा निर्धारित की जाएगी।
निष्कर्ष
PM धन-धान्य कृषि योजना 2026 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण कृषि पहल है, जिसका उद्देश्य देश के 100 कृषि-पिछड़े जिलों में खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाना है। यदि आपका जिला इस योजना में शामिल है, तो आप कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और संबंधित योजनाओं का लाभ उठाकर सिंचाई, आधुनिक खेती, भंडारण और कृषि ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। योजना से आने वाले वर्षों में लाखों किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण कृषि ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद है।
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